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संस्थापक : स्व. कमलनयन शर्मा
 सीमा सन्देश के संस्थापक कमलनयन शर्मा ने इस पत्र का प्रकाशन राजस्थान के उत्तर में पंजाब व पाकिस्तान से सटे सीमा क्षेत्र से 10 अक्टूबर 1951 (विजय दशमी) को आरम्भ किया। स्वाधीनता से पूर्व ही अनेक जन आंदोलनों से जुड़े श्री शर्मा ने देश के सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में जागरूकता फैलाने और समाजवादी राष्ट्रीय भावना को आगे बढ़ाने के लिए सीमा सन्देश की स्थापना की। तत्कालीन परिस्थितियों में ग्राहक, विज्ञापनदाता, संचार व यातायात साधनों के अभाव में समाचार पत्र स्थापित करना व उसे जारी रखना असंभव नहीं तो चुनौतीपूर्ण अवश्य था। इसके बावजूद आगे बढ़ते हुए 1971 में उन्होंने सीमा सन्देश को दैनिक स्वरूप प्रदान किया। धीरे-धीरे आकार व पृष्ठों में वृद्धि कर इसे एक संभागीय स्वरूप दिया।
 अपने जीवन की अंतिम सांस तक 8 दिसम्बर 1986 तक इसे सबल व सफल नेतृत्व प्रदान किया। उनके बाद उनके सुपुत्रों में इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए 1991 में इसका जयपुर संस्करण प्रारंभ किया और तकनीकी रूप से इसका आधुनिकीकरण किया।
 
 
 

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बृजभूषण शर्मा
स्व. कमलनयन शर्मा के ज्येष्ठ पुत्र होने के नाते उनके संघर्ष के दिनों में सीमा सन्देश परिवार की ज़िम्मेदारी निभाने के लिए कड़ा संघर्ष किया। छात्र जीवन में आपने नेतृत्व क्षमता की प्रतिभा भी दिखाई। गत चार दशकों से भी अधिक समय से आपने सीमा सन्देश परिवार के मुखिया के तौर पर मार्गदर्शन देते हुए सीमा सन्देश के जयपुर व गंगानगर संस्करणों को आगे बढ़ाने में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। इस अवधि में अपनी अच्छी छवि बनाकर राजनीतिक, प्रशासनिक व सामाजिक संबंधों का विस्तार कर सीमा सन्देश का वजूद बनाया है।

   
 
 

 डॉ. श्रीधर शर्मा
स्व. कमलनयन शर्मा के दूसरे सुपुत्र डॉ. श्रीधर शर्मा के राजस्थान विश्वविधालय जयपुर से 1967 से एमएससी वनस्पति शास्त्र में करने के बाद राजस्थान सरकार की सरकारी महाविद्यालयों में करीब 35 वर्षों तक प्राध्यापक, उप प्राचार्य व प्राचार्य के रूप में कार्य किया। सेवा में रहते हुए 1980 में आपने राजस्थान विश्वविधालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की व अनेक शोध पत्र तथा पुस्तकें प्रकाशित कीं। 1977 में रोटरी इंटरनैशनल की ओर से अमरीका की यात्रा की। 1984 में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत करने यूजीसी व राजस्थान सरकार की ओर से कनाडा व अमरीका गए और वापसी में योरप की यात्रा भी की। इसके बाद दो बार पुन: निजी यात्रा पर अमरीका गए। इन यात्राओं पर आपने धारावाहिक यात्रा अनुभव भी लिखे। प्राचार्य पद से सेवानिवर्ती के बाद आप सीमा सन्देश में पूर्णकालिक सहयोगी के रूप में कार्यरत हैं। डॉ. आइएनएस में सीमा सन्देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    


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ललित शर्मा
स्व. कमलनयन शर्मा के तीसरे सुपुत्र ललित शर्मा ने मालवीय रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज जयपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की उपाधि ग्रहण की। राजस्थान राज्य विद्युत निगम में करीब 18 वर्षों तक इंजीनियर के रूप में विभिन्न पदों पर कार्य करने के बाद 1992 में राजकीय सेवा से स्वेच्छिक अवकाश लेकर पत्रकारिता के क्षेत्र में आ गए। इसमें उनकी गहरी रुचि भी थी। परिस्थिति की मांग भी थी।
विद्यार्थी काल में ललित शर्मा ने शिक्षणेत्तर गतिविधियों में भाग लिया। संगीत, साहित्य व यायावरी उनके शौक रहे हैं। अत: उन्होंने पूरे उत्साह से सीमा सन्देश का संपादन संभाला। उनकी संपादकीय टिप्पणियों में चुभन व संवेदनशीलता का मिश्रण पाठकों को भाता है।


  

 
Lalit Sharma

विनीत शर्मा
स्व. कमलनयन शर्मा के सबसे छोटे सुपुत्र विनीत शर्मा वाणिज्य के स्नातक हैं और विद्यार्थी काल से पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्हें समाचार पत्र की सभी शाखाओं का अनुभव प्राप्त है। अपनी व्यवहारकुशलता, समाचार पत्र के विभिन्न पहलुओं पर अपनी पकड़ के कारण आप अपनी ऊर्जा को पत्र के हित में रूपांतरित कर पाते हैं। अपनी मिलनसारिता के बल पर राजनीतिज्ञों, अधिकारियों, व्यापारियों सहित समाज के सभी वर्गों से आपने मधुर संबंध बनाए हैं और सीमा सन्देश को आगे बढ़ाया है।


 


  सौरभ शर्मा
स्व. कमलनयन शर्मा के सुपौत्र सौरभ शर्मा सीमा सन्देश की तीसरी पीढ़ी व युवा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। जोधपुर विश्वविधालय बी.कॉम करने के बाद सौरभ ने देश के प्रमुख वित्त शिक्षा संस्थान आइसीएफआइए हैदराबाद की मुंबई शाखा से एमबीए (फाइनेंस) की शिक्षा पूरी की। मुंबई में ही एक वित सर्वे कंपनी व स्टाक ब्रोकिंग फर्म टावर केपिटल में सेवाएं देने के बाद सौरभ ने करीब पांच वर्ष तक अमेरिकन बैंक जेपी मोर्गन मुंबई में रिसर्च एनालिस्ट के रूप में कार्य किया। इस अवधि में उन्हें कंपनी ने हांगकांग, लंदन, दक्षिणी अफ्रीका भी भेजा। आप मोरिशस व थाइलैंड की भी यात्रा कर चुके हैं। सीमा सन्देश के जयपुर संस्करण में पारिवारिक दायित्व निभाने के लिए आप जेपी मोर्गन बैंक की सेवा त्यागकर जयपुर में कार्यरत हैं।

    

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