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कलक्टर ने किया घग्घर डिपरेशनों का अवलोकन
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Saturday, July 31, 2010
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सूरतगढ़ (शिव सारड़ा)। जिला कलक्टर आशुतोष एटी पेडणेकर ने सूरतगढ़ पहुंचकर घग्घर डिपरेशनों का अवलोकन किया। उन्होंने बहाव क्षेत्र में डूबी ढाणियों का मौका मुआयना कर ग्रामीणों से बातचीत भी की। शाम करीब 5.45 बजे जिला कलेक्टर श्री पेडणेकर, एसडीएम कालूराम व विकास अधिकारी ओमप्रकाश फुलवारिया के साथ हनुमानगढ़ मार्ग स्थित घग्घर पुलिया पर पहुंचे। यहां पर इन्होंने पुल के नीचे से गुजर रहे पानी की स्थिति देखी व मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जानकारी हासिल की। इसके बाद कलेक्टर रंगमहल एसकेप पर पहुंचे और वहां लम्बे चौड़े क्षेत्र में फैले पानी का मुआयना किया। जिला कलेक्टर ने एसडीएम व विकास अधिकारी को रंगमहल एसकेप पर छोड़ दिया व स्वयं अकेले ही गाड़ी चलाकर डिप्रेशनों में डूबी ढाणियों का अवलोकन करने रवाना हो गए। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से नुकसान के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कलेक्टर से आग्रह किया कि लम्बी-चौड़ी इन झीलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल लोगों को मनोरंजन का साधन उपलब्ध होगा बल्कि सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की बात पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में इस क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है मगर यह पानी महज साल-डेढ़ साल के लिए ही उपलब्ध है। ऐसी स्थिति में ऐसा किया जाना फिलहाल सम्भव नहीं है। जिला कलेक्टर ने रंगमहल की सरपंच पति से नरेगा सम्बंधी कार्यों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने नरेगा कार्यों के भुगतान आदि पर संतोष प्रकट भी किया। बाद में कलेक्टर पेडणेकर ने एसडीएम कालूराम से टिब्बा क्षेत्र के गांव मालेर, सिंगरासर, सांवलसर, रत्तासर व संगीता में बरसाती पानी की निकासी बाबत जानकारी ली।
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