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अब गंगानगर से हवाई यात्रा दूर नहीं
Wednesday, April 04, 2012
- डॉ. श्रीधर शर्मा श्रीगंगानगर में हवाई अड्डा न होने से क्षेत्रवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। एयर कनेक्टीविटी न होने से बड़े राजनेता, व्यापारी या कलाकार यहां नहीं आ पाते क्योंकि समयाभाव के कारण वे यात्रा में इतना समय नहीं गंवा सकते। अनेक बार स्थानीय लोगों के रिश्तेदारों को आपातकाल में यहां दुख-सुख में देश या विदेश से यहां जल्दी से जल्दी पहुंचना होता है। इस समस्या का आंशिक समाधान शीघ्र निकलने वाला है। समीपवर्ती जिला मुख्यालयों बीकानेर (सम्भाग मुख्यालय) व बठिंडा (पंजाब) में इस वर्ष के भीतर हवाई सेवा आरम्भ होने की पूरी सम्भावना है। इस सम्बंध में पूरी जानकारी देते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के उत्तर क्षेत्र के रीजनल एग्जिक्यूटिव डाइरेक्टर अनुज अग्रवाल ने बताया कि अगस्त 2012 तक उनका विभाग इन दोनों एयरपोर्ट का निर्माण पूरा कर इसे हवाई उड़ानों के लिए तैयार कर देंगे। इसके आगे का काम एयरलाइनों पर निर्भर करता है कि कौन-सी एयरलाइंस किन एयर रूट पर अपनी हवाई सेवा आरम्भ करेंगे। किन स्टेशनों के यात्री कितनी संख्या में मिलते हैं, उसी से इसकी वायबिलिटी बनेगी। अग्रवाल ने बताया कि बीकानेर एयरपोर्ट को वर्तमान में 20 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिसे बाद में विस्तार के लिए 60 एकड़ भूमि और उपलब्ध करवाई जा सकती है। प्रथम चरण में यहां आठ करोड़ रुपये की लागत से 1500 वर्ग मीटर की इमारत का निर्माण होगा, जिसमें एयरपोर्ट की आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस एयरपोर्ट के द्वितीय चरण में 14 करोड़ रुपये की विस्तार योजना है जिसमें भवन का क्षेत्र बढ़ाने व अन्य सुविधाएं जुटाई जाएंगी। अग्रवाल ने बताया कि बठिंडा का एयरपोर्ट 25 एकड़ क्षेत्र में निर्मित होगा जिसमें बाद में 30 एकड़ भूमि और जोड़ी जा सकती है। इस पर दो हजार वर्गमीटर क्षेत्र में भवन निर्माण का कार्य होगा, जिसका विस्तार बाद में जरूरत के अनुसार किया जा सकेगा। प्रथम चरण के निर्माण कार्य पर 25 करोड़ खर्च होने की संभावना है। अग्रवाल ने बताया कि दोनों एयरपोर्ट पर रन वे (हवाई पट्टी) की लम्बाई नौ हजार फीट होगी, जिसे समीपवर्ती एयर फोर्स स्टेशन के साथ शेयर किया जाएगा। क्योंकि अभी शुरुआत होगी और सुविधा को उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या भी सीमित रहेगी अत: यहां एयरलाइंस एटीपी (60-70 यात्री क्षमता) या बोइंग 737 (करीब 15 यात्री) जैसे छोटे विमानों का प्रयोग ही कर पाएगी। आरम्भ में दो विमान, एक साथ खड़े होने की सुविधा यहां उपलब्ध होगी। अग्रवाल के अनुसार बीकानेर में एयरपोर्ट स्थापना का श्रेय यहां के व्यापारिक संगठनों को जाता है, जिन्होंने कुछ वर्ष पूर्व केन्द्रीय विमानन मंत्री को बीकानेर यात्रा के दौरान इस सम्बंध में तर्कपूर्ण मांग पत्र पेश किया गया था। बीकानेर के अनेक व्यापारी देश के दूरदराज महानगरों-कोलकात्ता, मोहाली, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर तथा विदेशों में बसे हैं। उन्हें अपने मूल स्थान पर पहुंचने में काफी कठिनाई होती थी। बठिंडा एयरपोर्ट में पंजाब सरकार ने गहरी रुचि दिखाई है। बठिंडा की लोकसभा सदस्य श्रीमती हरसिमरत कौर बादल, जो उप मुख्यमंत्री सुखवीर सिंह बादल की पत्नी हैं, इस कार्य में गहरी रुचि ले रही हैं। इसलिए पंजाब सरकार बढ़-चढ़कर इस योजना को शीघ्र पूरा कराने को उत्सुक हैं। पंजाब सरकार सम्भावित एयर लाइन को यह भरोसा भी दिला रही है कि प्रतिदिन वह एक निर्धारित संख्या में सरकारी यात्री भी उपलब्ध करवायेगी। बठिंडा एयरपोर्ट गंगानगर-बठिंडा मार्ग पर ही बन रहा है। अत: गंगानगरवासी करीब 100 किमी सड़क मार्ग तय कर हवाई यात्रा का आनंद उठा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि बैंगलोर का हवाई अड्डा शहर से 60 किमी दूर है, जहां पहुंचने में दो घंटे लगना मामूली बात है। इतने ही समय या इससे भी पहले हम गंगानगर से बठिंडा पहुंच सकते हैं। बीकानेर की 245 किमी की दूरी भी तीन-चार घंटे में तय की जा सकती है।
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