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किसान नई तकनीक का उपयोग खेतों में करें
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Sunday, March 07, 2010
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- दो दिवसीय किसान मेले का आयोजन
पदमपुर (हरवानी)। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक ए एस छींपा ने कहा कि किसान मेले से किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकों के बारे में जानकारी मिली है जिससे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में वृद्धि होगी।
श्री छींपा शनिवार को कृषि उपज मण्डी समिति प्रांगण में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) द्वारा आयोजित दो दिवसीय कृषि प्रदर्शनी और किसान मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसान मेले में किसानों को कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन से सम्बंधित ज्ञान प्राप्त हुआ है लेकिन यह तभी सार्थक होगा जब किसान इस जानकारी का उपयोग अपने खेतों में करेगा। उन्होनें उपलब्ध पानी के सदुपयोग के लिए बून्द-बून्द सिंचाई पद्धति का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया। कृषि (विस्तार) के सेवानिवृत निदेशक डॉ आर एन गोस्वामी ने कहा कि किसानों की समस्याओं के निदान के लिए इस मेले का आयोजन किया गया है। काश्तकारों की समस्याएं सुनने और उनके निराकरण करने के लिए विभाग हर समय तैयार रहता है। कल्पतरू पावर प्लांट के श्री आनन्द चौपड़ा ने कहा कि उनके द्वारा सरसों और कपास के अपशिष्ट का प्रयोग विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है। इसके बाद बची राख से ईंटें बनाने और खाद के रूप में प्रयोग लिया जा रहा है। उन्होनें कहा कि इसके प्रारम्भिक परिणाम बेहतरीन प्राप्त हो रहे हैं।
भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष श्री अमिलाल सहारण ने कहा कि मेला आयोजित करना एक उत्तम प्रयास है। इससे किसानों को बीज, खाद, कीटनाशकों औश्र उपकरणों के बारे में जानकारी मिली है। कृषि विभाग के उपनिदेशक श्री वी एस नैण ने बताया कि मेले के दौरान दोनों दिनों में चार हजार से ज्यादा लोग लाभांवित हुए है। ये मेले में प्राप्त जानकारी दूसरे किसानों को देंगें। इस तरह कड़ी से कड़ी जुड़ेगी और अप्रत्यक्ष रूप से वे भी इससे लाभांवित होंगें। इस अवसर पर डॉ पवनजीत सिंह ने पशु स्वास्थ्य, पशु प्रबंधन, पशुओं में होने वाले संक्रामक रोग और उनके बचाव हेतु टीकाकरण विषय पर, डॉ राजीव शर्मा ने राज्य पशु प्रजनन नीति: पशुपालन में उन्नत नस्ल का महत्व विषय पर, डॉ रणवीर सहारण ने पशु पोषण में सन्तुलित आहार और खनिज लवणों का महत्व विषय पर, डॉ अच्छर कुमार ने पशु पालन विभाग की विभिन्न योजनाएं विषय पर, डॉ बी आर गोदारा ने हरा चार उत्पादन विषय पर, श्री पवन भास्कर ने कृषि विपणन विभाग की योजनाएं और देय सुविधाएं विषय पर, डॉ सीमा जसूजा ने मूल्य संवर्धन द्वारा अय वृद्धि की संभावना विषय पर और डॉ उदयभान ने राज्स्थान राज्य बीज निगम द्वारा देय सुविधाएं विषय पर जानकारी दी।
मेले के दौरान कृषि आदान, खाद और नवीनतम तकनीकों से सम्बंधित सौ स्टाल्स भी लगाए गए। समापन समारोह में धौसी केमिकल्स, विश्वास एग्रोटैक और श्रीराम फर्टिलाईज्स को श्रेष्ठ स्टाल्स का पुरस्कार दिया गया। मेले में पशु नस्ल प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। यह प्रतियोगिता गाय नस्ल राठी, भैंस और घोड़ी तीन श्रेणियों में आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसान उपस्थित थे।
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